काशी के दीयों की रोशनी से जगमग होगी रामनगरी, अयोध्या भेजे गए 20 लाख दीये, मुंबई-नागपुर गए 15 लाख

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वाराणसी। इस बार दीपावली पर रामनगरी काशी में बने मिट्टी के दीयों से रोशन होगी। काशी से अयोध्या के लिए 20 लाख दीये भेजे गए हैं। मुंबई और नागपुर भी 15 लाख दीये भेजे गए हैं। दीपावली से पहले ही काशी में तैयार मिट्टी के दीयों की मांग देशभर में जोर पकड़ चुकी है। कुम्हारों को ऑनलाइन ऑर्डर भी मिल रहे हैं। खासकर डिजाइनर दीयों की डिमांड अधिक है। इससे कुम्हारी कला के पुश्तैनी काम में जुटे कुम्हारों को इस बार दीपावली पर अच्छा लाभ होने की उम्मीद है।

दीपावली और देव दीपावली पर दीयों की डिमांड बढ़ने से वाराणसी के अलावा पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से भी करीब 50 लाख दीयों की आपूर्ति की जा रही है। इस बार देव दीपावली पर घाटों की सजावट के लिए कुल 70 लाख से अधिक दीयों की तैयारी चल रही है। काशी और आसपास के इलाकों में यह कारोबार हर साल करोड़ों रुपये का हो चुका है।

वाराणसी के कुम्हारों का कहना है कि इस समय उनकी भट्टियां लगातार जल रही हैं। करीब 10 हजार से अधिक कुम्हार परिवार दीपावली की तैयारी में जुटे हुए हैं। अशोक प्रजापति के अनुसार, इस वर्ष दीयों की मांग पहले से अधिक है। उन्होंने बताया कि काशी से प्रयागराज, अयोध्या और होशंगाबाद तक दीये भेजे जा रहे हैं।

कुंवर प्रजापति ने बताया कि अब तक उन्हें 10 हजार दीयों का ऑर्डर मिला है, जिनमें स्वास्तिक चिन्ह और डिजाइनदार दीयों की मांग सबसे अधिक है। कुम्हर कला समिति के अध्यक्ष रामराज प्रजापति ने बताया कि बनारस से बनकर तैयार दीये मुंबई, कोलकाता, गोरखपुर और प्रयागराज सहित कई शहरों में भेजे जा रहे हैं। दीयों के 60 रुपये से 200 रुपये प्रति सेट तक के ऑर्डर मिल रहे हैं। पुरवा, घाटों और चौक क्षेत्र में दीये थोक और खुदरा दोनों रूपों में बिक रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि इस बार ऑनलाइन ऑर्डर की मांग में भी तेजी आई है और डिजाइनदार दीये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी तेजी से बिक रहे हैं। काशी के कुम्हारों की मेहनत और कला से सजे ये दीये इस दीपावली पर पूरे देश में काशी की रौशनी बिखेरेंगे।

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