प्रयागराज। अधिवक्ताओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगों के समर्थन में अम्बेडकर चौराहा, प्रयागराज से चार दिवसीय अधिवक्ता अधिकार यात्रा का शुभारंभ हुआ। अधिवक्ता विचार मंच के नेतृत्व में हजारों वकीलों ने बार काउंसिल ऑफिस से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी सबसे प्रमुख मांग अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम का तत्काल लागू होना है।
यात्रा में शामिल अधिवक्ताओं ने अपनी अन्य महत्वपूर्ण मांगों को भी केंद्र में रखा, जिनमें बुजुर्ग अधिवक्ताओं के लिए पेंशन व्यवस्था, अधिवक्ताओं का टोल टैक्स पूर्णतः माफ होना, सभी अधिवक्ताओं के लिए 10 लाख रुपये का बीमा, उत्तर प्रदेश की प्रत्येक तहसील एवं जिला कचहरी में अधिवक्ताओं के लिए चैम्बर निर्माण, नए अधिवक्ताओं को तीन वर्षों तक प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि देना, तथा हाईकोर्ट और सभी जिला व तहसील न्यायालयों में चिकित्सीय सुविधाओं सहित 100 बेड के अस्पताल की स्थापना जैसी मांगें शामिल हैं।
अधिवक्ता नेता देवधर तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते अधिवक्ताओं की समस्याओं पर संज्ञान नहीं लिया, तो अधिवक्ता समुदाय मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए बाध्य होगा। चार दिवसीय यह यात्रा 1 दिसंबर से शुरू होकर 2 दिसंबर को प्रतापगढ़ और अमेठी, 3 दिसंबर को रायबरेली और 4 दिसंबर को राजधानी लखनऊ पहुंचेगी, जहां इसका समापन किया जाएगा।
यात्रा के दौरान जब अधिवक्ताओं का काफिला ठेंगहा पहुंचा, तो अधिवक्ता राकेश मौर्य और निखिल मिश्र द्वारा यात्रा में शामिल सभी अधिवक्ताओं के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। जलपान के बाद यात्रा अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ती हुई लखनऊ की ओर रवाना हो गई।