अमेठी। जनपद अमेठी में कृषि भवन, ताला में 23 दिसम्बर से 26 दिसम्बर 2025 तक आयोजित पारम्परिक ग्राम्य किसान मेले के तृतीय दिवस किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं जैविक खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। उप कृषि निदेशक सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि मेले का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती, नवीन तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ना है।
किसान मेले में कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, बैंक, सहकारिता, इफको, समाज कल्याण, उद्योग, स्वयं सहायता समूह एवं दुग्ध विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को विभागीय योजनाओं, अनुदान, तकनीकी सहायता एवं लाभकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.के. सिंह ने बागवानी फसलों के उन्नत उत्पादन पर प्रकाश डाला। डॉ. देवेश पाठक ने मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड की उपयोगिता बताई, जबकि डॉ. नवनीत कुमार मिश्र ने नवीनतम कृषि तकनीकों एवं आधुनिक खेती के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी की गुणवत्ता, उपयोग विधि एवं लाभों पर किसानों को जागरूक किया गया। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी, अमेठी ने चिकित्सा विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी, जिससे किसान स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।
उप कृषि निदेशक ने मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं जैविक खेती के महत्व पर किसानों को मार्गदर्शन दिया। साथ ही जनपद के प्रगतिशील कृषकों ने अपने अनुभव साझा कर अन्य किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मेले में लगभग 650 कृषकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तरी सत्र में सही उत्तर देने वाले 10 कृषकों को नैनो यूरिया की बोतल उपहार स्वरूप प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में किसान मेले में सहभागिता करने की अपील की।