शासन की कार्ययोजना में सम्मिलित हुआ नरौली का दूसरा पुल

आजमगढ़। नगर क्षेत्र को जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से बाईपास बंधे को फोरलेन बनाया जाएगा और नरौली पुल का बोझ का कम करने के लिए इसके बगल में एक और पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी द्वारा 85 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी।
अब इसे शासन ने कार्ययोजना में सम्मिलित कर लिया है।
जनपद में दिन प्रतिदिन बढ़ रहे वाहनों के कारण शहर क्षेत्र में आवागमन दूभर हो जाता है। अक्सर कहीं न कहीं लोग जाम की समस्या से जूझते हैं, जिसे देखते हुए शहर बाईपास बंधे को फोरलेन बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा प्रस्ताव तैयार किया गया है। उसके द्वारा 35 करोड़ रुपये से नरौली पुल से करतालपुर तिराहे तक और 35 करोड़ से करतालपुर से भंवरनाथ तक फोरलेन मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इस मार्ग तक पहुंचने के लिए नरौली पर एक और पुल का निर्माण होगा। अभी यहां पर बने पुल से दोनों तरफ से गाड़ियों का आवागमन होता है। इसके कारण इस पुल अक्सर जाम लगा रहता है। इसके लिए सेतु निगम द्वारा लगभग 15 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजा गया था। अब इस कार्ययोजना को शासन की कार्ययोजना में सम्मिलित कर लिया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद सेतु निगम इसका वास्तविक इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजेगा। जिस पर स्वीकृति मिलते ही पुल का निर्माण शुरू होगा।
बनने के बाद सीधे वाराणसी-लुंबिनी फोरलेन से जुड़ेगा जनपद आजमगढ़। वैसे तो आजमगढ़ जनपद भंवरनाथ के आगे जाकर वाराणसी लुंबिनी फोरलेन से जुड़ा है, लेकिन फोरलेन बनने के बाद यह नरौली पर आजमगढ़ मऊ फोरलेन और भंवरनाथ के पास जाकर सीधे वाराणसी-लुंबिनी फोरलेन के जरिए जुड़ेगा। इससे लोगों का आवागमन सुलभ हो जाएगा। हमारी ओर से नरौली पर दूसरे पुल के निर्माण के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई है। जिसे शासन की कार्ययोजना में भी शामिल करा दिया गया है। शासन की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद पुल के निर्माण के लिए वास्तविक इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। जिस पर मुहर लगने के बाद पुल निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।

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