मां का दूध बचाएगा नवजात को ठंड से: डा० एके उपाध्याय

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रिपोर्ट-एजाज़ अहमद के साथ मु० सरफराज

उत्तर प्रदेश के जनपद बलिया से है जहा जिला में लगातार बढ़ रही ठंड नवजात शिशुआें के लिए आफत बन सकती है। ऐसे में मां का दूध शिशुओं के लिए अमृत के समान है। सर्दी से नवजात शिशु ठंड की चपेट में आकर निमोनिया से ग्रस्त हो सकते हैं।विशेषज्ञ चिकित्सक की मानें तो ठंड से शिशु निमोनिया की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें। साथ ही बच्चों को गर्म कमरे में ही रखें। इससे बच्चों को निमोनिया होने की संभावना कम हो जाती है। अगर, बच्चे की सांस तेज हो जाए तो भी बच्चों को निमोनिया हो सकता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से चेकअप करवाएं। वहीं, नवजात शिशुओं को बीड़ी और सिग्रेट का धुआं भी बीमार कर सकता है। सर्दी के मौसम में अकसर लापरवाही के चलते नवजात बीमार पड़ जाते हैं। कई बार बच्चों को ठंड लग जाती है। इस कारण बच्चे निमोनिया की चपेट में आ जाते हैं। समय पर इलाज न होने पर निमोनिया घातक सिद्ध हो सकता है।

जिला चिकित्सालय बलिया के जाने माने बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर एके उपाध्या ने बताया कि सर्दी के मौसम में नवजात शिशुओं को गर्म कपड़ों में रखें। इसके अलावा बच्चों को ठंड लगने पर तुरंत चिकित्सक से चेकअप करवाएं। ठंड होने पर बच्चों को मां का दूध पिलाना जरूरी है। इससे बच्चाें में बीमारी से लड़ने की शक्ति मिलती है। सांस तेज होने पर भी दूध पिलाना जरूरी है। सर्दी के मौसम में नवजात के डायपर को बदलते रहना चाहिए।

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