रायगढ सासंदी विस्तार के उम्मीदवार श्री मदन प्रसाद गोंड जी की तरफ से रायगढ की जागरूक जनता-जनार्दन के लिए अपील

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1 भारत का गणतंत्र- मतलब–जनता का, जनता के लिए और जनता के द्वारा शासन….* प्रजातंत्र अर्थात लोकतंत्र सुदृढ ढंग से लागू कराना ।
2 गणतंत्र के सम्पूर्ण संचालन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना….
3 *देश को संचालित करने का लिखित विधान है जिसमें सब नागरिक बिना स्थान, जाति, धर्म, लिंग, भेद के समान है जिसको सफलतापूर्वक लागू कराने की कोशिश करेगे ।
4. संविधान की दृष्टि में भारत का प्रत्येक नागरिक समान उसे लोगो के बीच जाकर विश्वास दिलायेगे।
5. नागरिकों में संवैधानिक रूप से किसी प्रकार का स्थान, जाति, धर्म, लिंग के आधार पर विभेद नहीं होने देगे ।
6. संविधान के अंतर्गत राष्ट्र सर्वोपरि है ईसकी रछा करेंगे।
7. सभी जाति-धर्म के लोगों की बिना भेदभाव के संपूर्ण विकास की परिकल्पना करेगे ।
8. राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में सभी नागरिकों की भूमिका निहित की गई है जिसे सुनिश्चित करने ।
9. सामाजिक आधार पर शोषित, वंचित, बहिष्कृत, पीड़ित वर्ग को भी राष्ट्र की विकास की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए विशेषाधिकार प्रतिपादित जिसे सुदृढ ढंगसे लागू करायेंगे।
10. महिलाओं को लिंगभेद और जातिभेद से मुक्ति दिलाकर उनके लिए राष्ट्र के विकास की मुख्यधारा में समानांतर भूमिका लाने की कोशिश करेगे।
11. महिलाओं को पिता और पति की सम्पत्ति मे भागीदारी सुनिश्चित कर व्यवहारिक सहयोग प्रदान हो ऐतिहासिक कानून निर्माण करेगे ।
12. महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश और विशेषाधिकारों की व्यवस्था की गई है जिसे सम्पूर्ण रूप से लागू करायेंगे।
13. नागरिकों के लिए शिक्षा और सुविधा के साथ-साथ रोजगार देने की सुविधा भी प्रतिपादित करायेंगे।
14. नागरिकों को अपनी पसंद का जनप्रतिनिधि चुनने का मताधिकार है ईसका सही उपयोग हो ईसके लिए संघर्ष करेंगे।
15. बिना भेदभाव के योग्यता के आधार पर उच्चतम चयन की प्रक्रिया प्रतिपादित करायेंगे।
16. बिना भेदभाव के उच्चतम पद तक चुनाव की प्रणाली पुरजोरसे लागू करायेंगे।
17. समतामूलक समाज की परिकल्पना को संविधान समंत लागू करायेंगे ।
18. विधि के समक्ष सभी नागरिकों को समानांतर माना गयाहै जिसकी रछा करेंगे।
19. संविधान के पहले जो जातियां धार्मिक गुलाम थी, वे संवैधानिक अधिकारसंपन्न बतायेगे।
20. संवैधानिक अधिकारों की बदौलत अशिक्षित वर्ग को शिक्षित कर इनको प्रतिभागी हिसा बतायेगे।
21. संविधान प्रदत्त अधिकारों से बहिष्कृत वर्ग अपने अधिकारों को पाने के लिए संघर्ष करने लग गया हैजिसकी आवाज को बुलंद करेंगे।
22. संवैधानिक अधिकारों से जागरूक होकर गुलाम वर्ग शासक बनने की ओर अग्रसर हो रहा है ईसके लिए जागृत वाला कार्यक्रम आयोजित करेगे।
23. अधिकारसंपन्न होकर पिछड़ी जातियां शारीरिक आत्मरक्षा करने में सक्षम हो ईसके लिए संघर्ष करेंगे।
24. इन्हें कमजोर करने के षड़यंत्र और साजिश के तहत आजकल अनर्गल बयानबाजी करके भारत के बहुजन मूलनिवासियों के विरूद्ध साम्प्रदायिक और जातीय भेदभाव के माहौल का निर्माण किया जा रहा है।इसे रोकथाम के लिए संघर्ष करेगे।
“आपकी सावधानी और जागरूकता ही समाज को वापिस गुलाम होने से बचा सकती है :-”
25. मनुवादी ताकतों ने स्पष्ट इशारा कर दिया है कि वो वापस से भारत के मूलनिवासियों अर्थात SC-ST-OBC को गुलाम बनाने की तैयारी कर रहे हैं जिससे हमें सावधान रहना है।
26. हमारे बच्चों को मनुवादी संगठनों से दूर करके हमारे महापुरुषों के इतिहास को उन्हें बताना चाहिए।
27. बच्चों को संविधान की जानकारी देनी चाहिए।
28. कम खा लेना, परंतु बच्चों को जरूर शिक्षित करना।
29. संविधान और आरक्षण के विरोधियों को तुरंत जवाब देना होगा।
30. मनुवादियों के किसी भी संगठन पर विश्वास मत करना क्योंकि मनुवादी धर्म के नाम आपको भ्रमित करके आपसे ही आपके संवैधानिक अधिकारों का विरोध करवाने की साजिश रच सकते हैं ।
31. कोई कितना भी समझाए, यह मान लेना कि हम बाबा साहब डॉ अंबेडकर साहब से ज्यादा बुद्धिमान नहीं हो सकते हैं।
32. बाबा साहब डॉ अंबेडकर साहब ने जोकुछ किया है, वो बहुत सोच-समझकर किया है अर्थात बाबा साहब डॉ अंबेडकर साहब गलत नहीं हो सकते हैं।
33. भले चाहे जितनी बड़ी कुर्बानी देनी पड़े, संविधान खत्म मत होने देना ।
यह सार्वजनिक रूप से सभी जाति-धर्म की समस्या है अगले क्रम मे आदिवासी समुदाय की समस्या पर विमर्श किया जायेगा

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