हाई रिस्क प्रेगनेंसी का ज्ञान होना अति आवश्यक-डा. बी.के. यादव जनरल फिजिशयन

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गाजीपुर।स्थानीय जखनियां कस्बा में स्थित जनरल फिजिशयन डा.बी.के. यादव से प्रग्नेंसी के सन्दर्भ में चर्चा हुई,जिसमें डा. यादव ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बिभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी परिवार में अगर गर्भिणी है तो उस परिवार के लोगों को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बिभिन्न पहलुओं की जानकारी ले लेनी चाहिए, जिससे आने वाले बच्चे को कोई समस्या न हो और न ही गर्भिणी को किसी प्रकार की समस्या हो !
हाई रिस्क प्रेग्नेंसी को समझने के लिये बिभिन्न बिन्दुओं पर ध्यान देना चाहिए जो निम्न है
गर्भिणी की उम्र 18 वर्ष से कम या 30 वर्ष से अधिक, छोटा कद(140सेन्टी मीटर), अत्यधिक वजन, जुडवा बच्चा हो,पूर्व के समय में बच्चा खराब हो गया हो, समय के अनुसार गर्भाशय की उचाई न बढ़ना, फिटल हार्ट साउन्ड 24 सप्ताह से 26 सप्ताह पर न सुनाई देना, बच्चा ब्रिच या टान्सवर्स होना,36 सप्ताह पर बच्चे का सिर इंगेज न होना,डिलिवरी के पहले प्रेग्नेंसी के दौरान ब्लिडिगं का होना, फिटल हार्ट रेट सामान्य न होना (100से 160 प्रति मिनट सामान्य होता है) ,हाई बी.पी., शरीर में सुजन सामान्य से ज्वादा होना बिशेष रूप से चेहरे पर सुजन का ज्वादा होना,ब्लड की कमी, ज्वादा वजन का बढ़ना( 0.5 किलो /सप्ताह से ज्वादा) ,पेशाब में प्रोटीन का आना, सुगर रोगी, कार्डियक रोगी, श्वास रोगी इत्यादि बिन्दुओं पर ध्यान देना आवश्यक होता है
इन बिन्दुओं पर ध्यान देने से गर्भिणी और बच्चे को खतरे से बचाया जा सकता है
डा.बी.के.यादव
जनरल फिजिशयन
जखनियां गाजीपुर।

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