मौलाना की गिरफ्तारी विवादित, न्याय की अपील: वायरल वीडियो शेयर करने वाला मुस्लिम युवक, नहीं हिन्दू संगठन का सदस्य

9 / 100 SEO Score

ब्यूरो- एजाज अहमद के साथ मु० सरफराज

खबर उत्तर प्रदेश के जनपद बलिया से है जहाँ नगरा स्थानीय थाना क्षेत्र के जमीन पड़सरा जामा मस्जिद के मौलाना शहाबुद्दीन को बारावफात जलसे में दिए गए विवादित भाषण के कारण गिरफ्तार किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने शुक्रवार देर शाम कार्रवाई की।


लेकिन मामले की पड़ताल में यह खुलासा हुआ है कि वीडियो को शेयर करने वाला व्यक्ति हिन्दू नहीं, बल्कि मुस्लिम समुदाय का युवक है, जो उसी गांव का रहने वाला है। यह बात मौलाना के समर्थक जोर देकर कह रहे हैं ताकि गलतफहमी और भ्रामक प्रचार से बचा जा सके।

वीडियो में मौलाना शहाबुद्दीन ने हाफ चड्डी और आधे पायजामा पहनने वालों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। हालांकि, मौलाना के करीबी लोगों और समर्थकों का कहना है कि यह भाषण का क्षणिक भाव था, जिसमें मौलाना ने बिना सोच-समझे, तात्कालिक भावना में यह शब्द बोल दिए।
उनका उद्देश्य कभी भी समाज में नफरत फैलाना नहीं था।

स्थानीय नागरिक, समाजसेवी और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मांग की है कि मौलाना शहाबुद्दीन को सही तरीके से सुना जाए। साथ ही इस घटना के वीडियो को शेयर करने वाले युवक का भी संज्ञान लिया जाए, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। यह युवक भी समाज में भाईचारे का समर्थन करता है और उसका उद्देश्य विवादित प्रचार करना नहीं था।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कुछ लोग वीडियो के वायरल होने पर आक्रोशित नजर आए, लेकिन थानाध्यक्ष अजय कुमार त्रिपाठी ने सभी पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें।

स्थानीय लोगों का मानना है कि मौलाना के खिलाफ जल्दबाजी में कोई कार्रवाई न की जाए, बल्कि न्यायपूर्ण तरीके से मामले की जांच हो।
उनका यह भी जोर है कि यदि दोष सिद्ध नहीं होता, तो मौलाना को तुरंत मुक्त किया जाए।
साथ ही समाज में शांति, भाईचारा और सहअस्तित्व को बनाए रखने की अपील की जा रही है ताकि कोई गलतफहमी समाज में न पनपे।

मौलाना शहाबुद्दीन ने भी कहा है –
“भाषण देते वक्त जो मुझे जुबान फिसल गई है, जिससे लोगों को ठेस पहुंची है, उनसे मैं माफी तलब करता हूं।”

Share

Leave a Reply